📿 संत वाणी – श्रीमद्भगवद्गीता से प्रेरित
💬 1. “जो हुआ, वह अच्छा हुआ…
जो हो रहा है, वह अच्छा हो रहा है…
जो होगा, वह भी अच्छा ही होगा।”
ईश्वर पर भरोसा रखने वाले का मार्ग कभी अंधकारमय नहीं होता।
💬 2. “मन शांत हो तो संसार भी शांत लगता है।”
मन को साधो, दुनिया अपने-आप सुधर जाएगी।
💬 3. “कर्म करो, फल की चिंता मत करो।”
फल की चिंता मन को बेचैन करती है, पर कर्म मन को मुक्त करता है।
💬 4. “जहाँ श्रद्धा है, वहीं सिद्धि है।”
निर्मल विश्वास कठिन से कठिन राह को आसान बना देता है।
💬 5. “जिसने अपने मन को जीत लिया, उसने जगत को जीत लिया।”
मन ही मित्र है, और मन ही शत्रु। इसे साधो, जीवन सध जाएगा।
💬 6. “असली धन सेवा है, और असली पूजा कर्म है।”
जो मन से सेवा करता है, वही परमात्मा के करीब होता है।
💬 7. “इच्छाएँ कम करो, सुख बढ़ेगा।”
सादा जीवन ही परम आनंद का मार्ग है।
💬 8. “दुख वही देता है, जिससे हम मोह करते हैं।”
मोह कम करो, जीवन में शांति बढ़ाओ।
💬 9. “भक्ति वह दीपक है, जो जीवन के अंधेरों को रोशन कर देता है।”
💬 10. “ईश्वर दूर नहीं—बस एक निर्मल भाव की दूरी पर हैं।”